108 बार हनुमान चालीसा पढ़ी और अर्जी लगाई – हनुमानजी का चमत्कार

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108 Hanuman Chalisa Sankalp in hindi

108 बार हनुमान चालीसा पढ़ी और अर्जी लगाई – हनुमानजी के चमत्कार की सच्ची घटना

दोस्तों ऐसा कोई नहीं जिसके जीवन में कोई संकट ना आया हो, पर अगर हमारे माता पिता को अगर कुछ हो जाए तो हमारे पैरो तले जमीन हिल जाती है और हम उन्हें हर संकट से बाहर निकालने का प्रयास भी करते है, आखिर क्या हुआ था इस भक्त को और कैसे हनुमानजी ने उन्हें उस घोर संकट से बाहर निकाला आईये जानते है, तो ध्यान से इस अनुभव को पढिए और समझिये, 108 Hanuman Chalisa Sankalp in Hindi

मैं अपना नाम और जगह गुप्त रखना चाहता हूँ, मेरी ये सच्ची घटना मेरी माँ के बारे में है, ये बात 2021 की है, मेरी माँ को घबराहट और बेचैनी होती थी, पहले प्रॉब्लम कम होती थी जैसे महीने में एक दो बार,

फिर ये घबराहट और बेचैनी कुछ ज्यादा ही होने लगी, ये सब होने पर मेरी माँ बहुत रोती थी, हमने बहुत जगह मेरी माँ को दिखाया लगभग 20 डॉक्टरों के पास गए थे हम, मेरी माँ सिर्फ एक दो दिन ठीक रहती और फिर उनकी हालत ख़राब हो जाती, ये सब होने पर मेरा पूरा परिवार बहुत दुखी था,

उसी दौरान मैं बुआ जी के घर चला गया और जैसे ही मैं बुआ जी के घर पहुंचा तो मेरी मम्मी को फिर से घबराहट और बेचैनी होने लगी, मेरी मम्मी ने मुझे रोते-रोते घर वापस बुला लिया, कहने लगी कि घर आजा जब मैं ठीक हो जाउंगी तब बुआ जी के घर चले जाना और फिर मैं शाम को ही घर वापस आ गया,

जयेश भाई किसी भी डॉक्टर की दवाई काम नहीं कर रही थी, मेरी माँ हर रोज रोती रहती थी, जब मैं 10 साल का था तबसे हनुमान जी को बहुत मानता हूँ और आज मैं 19 साल का होने वाला हूँ, मैं हर रोज माँ की अच्छी सेहत के लिए प्रभु से प्रार्थना करता था, मैं मम्मी को हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए कहता था, हनुमान चालीसा के कारण मेरी माँ ठीक रही पर पूरी तरह से ठीक नहीं हुई,

फिर एक मंगलवार के दिन मंदिर जाकर मैं मेरे हनुमानजी से नाराज़ होकर कहने लगा कि प्रभु या तो मेरी माँ को आप ठीक कर दो या ये बीमारी मुझे दे दो, नहीं तो मैं आगे से आपके द्वार पर कभी नहीं आऊँगा और ना ही प्रभु श्री राम का नाम लूंगा,

फिर अचानक मुझे पंडित जी की आवाज सुनाई दी, वो पंडित जी को मैं पहले से जानता था, वे हनुमानजी और माँ काली के भक्त है, उन्हें विद्या भी आती है, मैंने उनको अपनी सारी परेशानी बतायी, उन्होंने कहा कि अपनी मम्मी को मेरे पास लेकर आना मंदिर में, 108 Hanuman Chalisa Sankalp in Hindi

मुझे लगा की वे कुन्डली देखेंगे, फिर मैंने उनसे कहा की मैंने पहले भी मंदिर में झाडा लगवाया था और कुन्डली भी दिखायी थी लेकिन इतना कहा गया था की केवल केतु ग्रह का कोई दोष है, फिर भी वो पंडित जी ने कहा कि एक बार माँ को ले आना,

फिर मैं हनुमानजी के दर्शन करके माँ को लेकर आया, मैंने पंडित जी को केवल ये बताया था की मेरी माँ हमेशा रोती रहती है, फिर उन्होंने बाकी सारी बातें अपने आप बताई थी, जैसे की घबराहट, बेचैनी, भूख न लगना और डरना,

फिर उन्होंने कुछ काम कहे वो मैंने किये और हनुमानजी के दर्शन करने को कहा और हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करने को कहा और माँ काली के लिए बीड़ा पान लाने के लिए कहा और बाकी भोग उन्होंने ही लगाया माँ काली को,

उन्होंने हमारा हवन भी किया था जिसमे हम सब थे और हवन खुद किया था जिसमे किसी को नहीं बुलाया था, उन्होंने हनुमानजी को अर्जी यानी दरखास भी लगवायी थी मंदिर में, जो मेंहदीपुर बालाजी के दरबार में लगती है, मेरी माँ पर किसी का बुरा साया था, 108 Hanuman Chalisa Sankalp in Hindi

पंडितजी ने कोई लालच नहीं किया, उन्होंने हमारी बहुत मदद की, पंडित जी ने मेरी माँ को ठीक कर दिया, कहते है ना जिसके साथ बजरंगबली होते है वो कभी हार नहीं सकता, मेरे प्रभु ने मुझे रास्ता दिखाया जिससे पंडितजी मुझे उसी टाइम मिले, क्योंकि वो कही गए थे और उसी दिन आये थे,

पढ़े: मेरा सर फट रहा था – क्या गलती हुई मुझे प्रभु – हनुमानजी के चमत्कार की सच्ची घटना

मेरे प्रभु ने मेरी माँ को ठीक कर दिया, अपने भक्त के द्वारा एक भक्त का जीवन बचा लिया, फिर मैंने प्रभु पर जो गुस्सा किया था उसके लिए मैंने उनसे क्षमा मांगी, हमारे घर में पहले से ही हनुमानजी को बहुत मानते है, वैसे तो हमारी कुलदेवी माता मनसा देवी है और हमारे इष्टदेव हनुमान जी है,

धन्यवाद मेरे हनुमान जी का, मेरी एक इच्छा और है की मुझे मेरे प्रभु के दर्शन हो जाए और हाँ मेरी माँ को एक दिन सपना आया की एक व्यक्ति मेरी माँ से पूछ रहा था कि क्या तुम अब ठीक हो, फिर मेरी माँ ने कहा की हाँ ठीक हूँ, तब से मेरी माँ भी हनुमानजी को बहुत मानने लगी और उनका उनपर विश्वास और बढ़ गया और हमारा भी, 108 Hanuman Chalisa Sankalp in Hindi

तो दोस्तों देखा आपने जब एक दुखी भक्त प्रभु से सच्चे दिल से मदद की गुहार लगाता है तो प्रभु उसकी पुकार जरूर सुनते है, बस जरुरत है तो सच्ची भक्ति और अच्छे कर्म की देखना वे आपको हर संकट से बाहर निकालेंगे…तो ऐसे ही है हमारे बजरंगबली.


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