छूना तो दूर कोई आपका बाल भी बांका नहीं कर पायेगा – हनुमानजी का रोंगटे खड़े कर देनेवाला चमत्कार

100 Hanuman Chalisa Chamatkar in Hindi
छूना तो दूर कोई आपका बाल भी बांका नहीं कर पायेगा – हनुमानजी का रोंगटे खड़े कर देनेवाला चमत्कार
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100 Hanuman Chalisa Upay in Hindi

छूना तो दूर कोई आपका बाल भी बांका नहीं कर पायेगा – हनुमानजी का रोंगटे खड़े कर देनेवाला चमत्कार

दोस्तों आज का अनुभव उन लोगो के सवालों का जवाब है जो कहते है की लड़कियां या महिलाएं हनुमानजी की भक्ति नहीं कर सकती, आखिर क्या हुआ था इस भक्त को और कैसे हनुमानजी ने उनकी सहायता की जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगे, तो ध्यान से इस अनुभव को पढिए और समझिये, 100 Hanuman Chalisa Upay in Hindi

मेरा नाम वैशाली है और मैं नाशिक सिटी से बिलोंग करती हूँ, प्रोफेशन से मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर हूँ और पुणे की एक MNC कंपनी में जॉब करती हूँ, सबसे पहले जयेश भाई मैं आपको धन्यवाद करना चाहती हूँ जो आपने लोगों में भक्ति भाव जागृत करके लोगों को हनुमानजी का मार्ग दिखाया और ना जाने कितने लोगों की जिंदगी आपने बदली है,

आपके इस कार्य के लिए मैं आपको जितना धन्यवाद करूं उतना कम है, आज मैं आपसे अपना अनुभव शेयर करना चाहती हूँ, मुझे लगता है की मेरे इस अनुभव से कई लड़कियों को हनुमानजी की शक्तियों का आभास होगा और वो कभी भी कही भी किसी भी सिचुएशन से लड़ सकती है,

जब मैं पुणे शिफ्ट हुई तो वो मेरे लिए बिलकुल ही नया शहर था, मैं पहली बार नाशिक सिटी छोड़कर जॉब के लिए पुणे आयी थी, पुणे के कोथरुड एरिया में मैंने और मेरे साथ जो 3 लड़कियां और थी जो बाहर से पढ़ने आयी थी हमने इस एरिया में रहने के लिए एक फ्लैट लिया, 100 Hanuman Chalisa Upay in Hindi

कुछ महीने बाद मेरी रूममेट्स बता रही थी कि रात के समय उन्हें किसी के आने का आभास होता है और पायल की आवाज़ें आती है, मैंने जब सुना तो मैंने उन बातों को इतना सीरियसली नहीं लिया,

लेकिन एक दिन जब मेरे तीनो रूममेट्स रूम पर नहीं थे तब रात को मैं अकेले रूम पर सो रही थी और अचानक मुझे वो बात याद आयी जो मेरे रूममेट्स ने बतायी थी और मुझे पता नहीं ये बात सच थी या नहीं लेकिन डर के मारे मुझे भी घबराहट होने लगी और जब आँखें बंद करती तो लगता था कोई आ न जाए,

उसी बीच मुझे हनुमान चालीसा के बारे में याद आया, मैं बचपन से ही हनुमानजी को मानती थी और हर रोज स्कूल जाते वक़्त उनके दर्शन करके ही जाती थी, हनुमान चालीसा हमेशा मेरी बैग में रहती थी, मैंने उसी वक़्त उठकर 3-4 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया और उसी वक़्त मुझे अंदर से एक अलग ही उर्जा महसूस होने लगी, डर तो मानो चला ही गया था और उस दिन से अकेले सोने पर मुझे कभी डर नहीं लगा, मानो जैसे हनुमानजी ने ही मेरे अंदर से सारा डर निकाल दिया हो,

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ये मेरा पुणे में पहला अनुभव था, बाद में कुछ महीनो बाद एक ऐसी सिचुएशन आयी जिससे मेरे पैरो तले जमीन खिसक गयी, रात के टाइम मेरे रूममेट्स बाहर अपने बॉयफ्रैंड्स के साथ घूमने जाते थी और इसी वजह से मैं रात को कई बार अकेले रही हूँ,

एक रात जब मैं नींद में थी तब रात के 3 बजे कोई मेरे रूम का डोर खटखटा रहा था, मेरी आँखें खुली और मैं डर गयी की इतनी रात को कौन हो सकता है, क्योंकि तब मेरी रूममेट्स पुणे के बाहर गयी थी तो उनके होने का सवाल ही नहीं था और वो इंसान एक से डेढ़ घंटे तक मेरे रूम का दरवाज़ा खटखटा रहा था, लेकिन मैंने दरवाज़ा नहीं खोला,

वो रात तो मैंने किसी तरह निकाल ली, लेकिन फिर दूसरे दिन रात को मेरे साथ फिरसे यही रिपीट हुआ, मैं बहुत परेशान हो गयी और घबराने लगी, उसी एरिया में मेरे ऑफिस का एक लड़का रहता था, मैंने उसे ये बात बतायी तो उसने इस बात को सीरियसली नहीं लिया और कहा कुछ नहीं तुझे आभास हुआ होगा, 100 Hanuman Chalisa Upay in Hindi

लेकिन दूसरी रात होने के बाद मैं बहुत घबरा गयी थी और मुझे पता था की जो कोई ये सब कर रहा है उसे पता है की मैं रात को यहाँ अकेली रहती हूँ, तीसरे दिन जब मैं सुबह उठी तो मैंने सोच लिया की मैं हनुमान चालीसा के 100 पाठ करुँगी, क्योंकि मुझे पता है की उसमे कहा गया है की “जो सत बार पाठ कर कोई, छूटहिं बंदि महा सुख होई”,

मैंने सुबह 10-12 बार पाठ किया और कुछ पाठ ऑफिस के बस में ऑफिस जाते-जाते कर रही थी, उस दिन मेरा ऑफिस के काम में बिलकुल भी मन नहीं लगा और ना मैंने ऑफिस में कुछ काम किया, इनफैक्ट ऑफिस के ऊपर के फ्लोर पर गयी जहाँ अक्सर कोई नहीं रहता और सीढ़ी पर बैठकर मैं हनुमान चालीसा पढ़ रही थी,

पढ़े: बजरंगबली ना होते तो मैं पागल हो जाता – हनुमानजी के चमत्कार की सच्ची घटना

पूरा दिन मैंने ऐसे ही निकाला फिर रात के 8 बजे बस में जाते-जाते बचे हुए पाठ कर रही थी, बस से उतर ते ही मैं पहले अपने गुरु के मंदिर में गयी और उनसे विनती की कि मुझे बहुत ही डर लग रहा है, आप मेरा ख्याल रखना और फाइनली मैं अपने रूम पर आ गयी, उस दिन मैं पूरे पाठ नहीं कर पायी जिसका मुझे दुःख था,

मैं बहुत ही डिस्टर्ब थी और सोते समय मैंने हनुमानजी से कहा की “प्रभु मुझे बहुत डर लग रहा है वो इंसान आज फिर यहाँ आएगा, आपने जैसे सीता माता की रक्षा की वैसे आज मेरी भी रक्षा करना” और टेंशन में सो गयी,

रात के 2:30 बज गए और वो इंसान फिर से आ गया और बहुत जोर-जोर से मेरे रूम का दरवाजा खटखटाने लगा, मैं डर के मारे उठकर बैठ गयी और रो कर हनुमानजी को पुकारने लगी, मेरे रूम की ओनर पास में ही रहती थी तो मैंने तुरंत उनको कॉल किया पर रात के टाइम नींद में होने के कारण उन्होंने फ़ोन रिसीव नहीं किया, 100 Hanuman Chalisa Upay in Hindi

फिर मैंने ऑफिस के दोस्त को फ़ोन लगाया जिससे मैंने ये बात शेयर की थी, उससे तो कोई उम्मीद नहीं थी क्योंकि वो ऑफिस से आते ही जल्दी सो जाता था और रात को भले ही बाढ़ क्यों ना आ जाए पर उसकी नींद नहीं खुलेगी तो फ़ोन उठाने का सवाल ही नहीं आता और यहाँ मैं हनुमानजी को रो-रोकर पुकारने लगी,

और अचानक वही दोस्त रात के 2:30 बजे मेरे रूम के यहाँ आ गया और जो इंसान ये हरकत कर रहा था वो शायद मेरे दोस्त को देखकर भाग गया, जैसे उसे पता चल गया की इसकी रखवाली करनेवाला और देखनेवाला कोई तो है,

जब मैंने अपने दोस्त से पूछा कि तू अचानक से कैसे यहाँ आ गया तो उसने कहा की मुझे पता नहीं, मुझे लगा कोई तो मुझे धक्के मार-मारकर उठा रहा है और मेरी आँख खुली तो तेरे इतने सारे मिस्ड कॉल्स देखे और मैं सीधे कॉल बैक करने के बजाये यहाँ तुरन्त आ गया, 100 Hanuman Chalisa Upay in Hindi

उस दिन हनुमानजी ने अपना वचन निभाया, उन्होंने जैसे सीता माता की रक्षा की थी वैसे ही मुझे उस सिचुएशन से प्रोटेक्ट किया और जो भी वो इंसान था वो मुझ तक पहुंच ही नहीं पाया और ना उस दिन के बाद मेरे रूम का दरवाजा रात को किसी ने खटखटाया,

ये सब होने के बाद मैं बहुत ही डिप्रेस्ड हो गयी थी तो मेरी हालत देखकर मेरे ऑफिस के मैनेजर ने मुझसे कहा की “वैशाली तुम ठीक नहीं लग रही हो, मुझे पता नहीं तुम्हारी क्या प्रॉब्लम है, पर तुम एक काम करो कुछ दिन की छुट्टी लेकर अपने घर जाकर आओ, ताकि तुम वापस फ्रेश मूड में आओ और काम पर पहले की तरह लग जाओ”, मेरा मैनेजर कभी भी किसीको इस तरह से ना ही समझता है और ना ही किसीको ऐसे छुट्टी अप्रूव करता है, लेकिन मुझे सामने से कहा छुट्टी लेने के लिए,

जब मैं घर आयी तो बचपन से जिस हनुमानजी के मन्दिर जाया करती थी उस मंदिर में गयी और बहुत रोई और मुझे याद आया की मैं स्कूल के टाइम हनुमानजी को राखी बांधती थी और हनुमानजी ने उस राखी का फ़र्ज़ निभाया,

आज मैं हर एक लड़की से कहना चाहूंगी कि वो अपनी सिक्योरिटी के मामले में हमेशा सतर्क रहे और हर एक लड़की में हनुमानजी की भक्ति हो तो कोई भी उनको छूना तो दूर उनका बाल भी बांका नहीं कर पायेगा,

तो दोस्तों देखा आपने हमारे प्रभु बहुत ही दयालु है, वे कभी भी अपने भक्तों में भेद भाव नहीं करते, उनके लिए हर भक्त सामान है, बस जरुरत है तो सच्ची भक्ति की, वे कभी भी अपने भक्तों को तकलीफ में नहीं देख सकते, एक बार सच्चे दिल से उन्हें पुकार के तो देखिये वे जीवन के कर कदम पर आपकी रक्षा करेंगे….तो ऐसे ही है हमारे बजरंगबली.


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